राज्यवार फायदे: भारत-ईयू FTA में किस राज्य को क्या लाभ?
ट्रेंडिंग चर्चा ताजा खबरें, तेज़ चर्चा 29 जनवरी 2026 | इंदौर, मध्य प्रदेश
भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से भारत के निर्यात को ₹6.4 लाख करोड़ का बड़ा बूस्ट मिलेगा। कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल ने X पर राज्यवार उत्पादों और लाभ की लिस्ट शेयर की है। यह समझौता 27 EU देशों में भारतीय सामान को ड्यूटी-फ्री या कम ड्यूटी पर पहुंच देगा। मुख्य फोकस लेबर-इंटेंसिव सेक्टरों (टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन प्रोडक्ट्स आदि) पर है।
राज्यवार प्रमुख लाभ (पीयूष गोयल और सरकारी अपडेट्स के अनुसार)
- गुजरात: टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और मेडिकल डिवाइसेस, मरीन प्रोडक्ट्स। MSMEs और इंडस्ट्रियल हब्स को बड़ा फायदा।
- महाराष्ट्र: टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेस, जेम्स एंड ज्वेलरी। ऑटो कंपोनेंट्स और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स मजबूत होंगे।
- तमिलनाडु: लेदर और फुटवियर, मरीन प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल (तिरुपुर क्लस्टर)। लेदर एक्सपोर्ट्स में ड्यूटी 17% से जीरो।
- कर्नाटक: इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा। MSMEs को EU इंडस्ट्रियल मार्केट में प्राथमिकता।
- उत्तर प्रदेश: लेदर फुटवियर, फर्नीचर, हैंडीक्राफ्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एग्री प्रोडक्ट्स। आगरा-कानपुर लेदर और हैंडीक्राफ्ट क्लस्टर्स को बूस्ट।
- राजस्थान: स्पोर्टिंग गुड्स, हैंडीक्राफ्ट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, टेक्सटाइल, फर्नीचर।
- पंजाब: टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, स्पोर्टिंग गुड्स, एग्री प्रोडक्ट्स।
- तेलंगाना: फार्मा, इंजीनियरिंग, एग्री प्रोडक्ट्स।
- आंध्र प्रदेश: मरीन प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल।
- पश्चिम बंगाल: एग्री प्रोडक्ट्स, मरीन, टेक्सटाइल।
- असम: एग्री और प्रोसेस्ड फूड्स, स्पाइसेस।
- केरल: स्पाइसेस, मरीन प्रोडक्ट्स, चाय-कॉफी।
कुल फायदे
- लेबर-इंटेंसिव सेक्टरों में ₹33 बिलियन निर्यात पर ड्यूटी जीरो।
- टेक्सटाइल: 100% टैरिफ लाइन्स पर जीरो ड्यूटी (EU का $263 बिलियन मार्केट)।
- लेदर/फुटवियर: 17% से जीरो।
- इंजीनियरिंग गुड्स: $2 ट्रिलियन EU इंडस्ट्रियल मार्केट में एक्सेस।
- MSMEs, महिलाओं, आर्टिसन्स और युवाओं के लिए नौकरियां।
- कुल 12 राज्य मुख्य रूप से हाइलाइटेड (मैप में), लेकिन सभी राज्य लाभान्वित होंगे।
यह डील भारत की ट्रेड स्ट्रैटेजी का हिस्सा है—EU के बाद UK और US से भी डील्स तेज।
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