भारत में टैक्सपेयर्स की जनसंख्या: BPL से एलीट तक, टैक्स योगदान और बजट आवंटन नीचे से ऊपर तक आय वर्गों में टैक्स बोझ vs लाभ, बजट 2026 में मिडिल क्लास को राहत लेकिन कॉरपोरेट्स पर फोकस
नई दिल्ली, 2 फरवरी 2026, दोपहर
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भारत में टैक्सपेयर्स की जनसंख्या आय वर्गों के अनुसार बंटी हुई है, जहां BPL (Below Poverty Line) जैसे निचले वर्ग में बहुत कम डायरेक्ट टैक्स योगदान है, जबकि मिडिल और अपर क्लास से सबसे ज्यादा रेवेन्यू आता है। कुल जनसंख्या लगभग 1.45 अरब है, जिसमें मिडिल क्लास (मध्यम वर्ग) 31-38% (लगभग 43-55 करोड़) है। AY 2024-25 में कुल 7.28 करोड़ ITR फाइल हुए, जिसमें से अधिकतर मिडिल और अपर मिडिल क्लास से हैं। टैक्स योगदान में टॉप 10% (अपर क्लास और एलीट) 57% इनकम टैक्स देते हैं, जबकि बॉटम 50% (BPL और लोअर मिडिल) केवल 15%। बजट 2026 में कुल 54.97 लाख करोड़ रुपये का आवंटन है, जिसमें BPL के लिए वेलफेयर स्कीम्स (जैसे MNREGA, फूड सब्सिडी) पर 4 लाख करोड़ से ज्यादा, मिडिल क्लास के लिए एजुकेशन (1.3 लाख करोड़) और हेल्थ (0.95 लाख करोड़) पर फोकस, जबकि अपर क्लास और कॉरपोरेट्स को PLI स्कीम (0.5 लाख करोड़) और कैपेक्स (12.2 लाख करोड़) से लाभ। कॉरपोरेट टैक्स से 12.4 लाख करोड़ का कलेक्शन, लेकिन इंडिविजुअल इनकम टैक्स (12.9 लाख करोड़) अब ज्यादा योगदान दे रहा है। X पर चर्चा में मिडिल क्लास टैक्स राहत की मांग कर रहा है, जबकि एलीट पर ज्यादा बोझ की बात हो रही है।
नीचे आय वर्गों की तालिका दी गई है (आंकड़े 2024-25 और 2025-26 के अनुमानों पर आधारित; जनसंख्या 2011 जनगणना और हालिया रिपोर्ट्स से, टैक्स योगदान अनुमानित क्योंकि कोई आधिकारिक क्लास-वाइज ब्रेकडाउन नहीं; बजट आवंटन प्रमुख स्कीम्स से):
| वर्ग | जनसंख्या (लगभग करोड़ / %) | टैक्सपेयर्स की संख्या (लगभग करोड़) | टैक्स योगदान (लगभग ₹ लाख करोड़ या %) | बजट आवंटन (प्रमुख स्कीम्स, लगभग ₹ लाख करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| BPL (नीचे गरीबी रेखा, <₹2.5 लाख/वर्ष) | 29 / 20% | 0.1 (ज्यादातर इनडायरेक्ट टैक्स) | 0.1 (कुल डायरेक्ट टैक्स का ~1%) | 4.0 (फूड सब्सिडी, MNREGA, PMAY) |
| लोअर मिडिल क्लास (₹2.5-5 लाख/वर्ष) | 73 / 50% (बॉटम 50%) | 1.0 (कम आय स्लैब) | 0.5 (~4% इनकम टैक्स) | 1.5 (सब्सिडी, हेल्थकेयर, एजुकेशन) |
| मिडिल क्लास (₹5-15 लाख/वर्ष) | 43 / 30% | 4.0 (मुख्य ITR फाइलर्स) | 4.0 (~30% इनकम टैक्स) | 2.5 (एजुकेशन 1.3, हेल्थ 0.95, सब्सिडी) |
| अपर मिडिल क्लास (₹15-30 लाख/वर्ष) | 14 / 10% (टॉप 10% का हिस्सा) | 1.5 | 3.0 (~25% इनकम टैक्स) | 1.0 (टैक्स रिलीफ, स्किल डेवलपमेंट) |
| अपर क्लास (₹30 लाख-1 करोड़/वर्ष) | 7 / 5% (टॉप 5%) | 0.5 | 2.5 (~20% इनकम टैक्स) | 0.5 (इन्वेस्टमेंट इंसेंटिव्स, MSME) |
| एलीट/कॉरपोरेट्स (>₹1 करोड़/वर्ष + कंपनियां) | 1.5 / 1% (टॉप 1%) | 0.2 (इंडिविजुअल + कॉरपोरेट) | 12.4 (कॉरपोरेट टैक्स 48% कुल डायरेक्ट) | 12.2 (कैपेक्स, PLI 0.5, इंफ्रा) |
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