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Wednesday, February 4, 2026
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राजस्थान शिक्षक भर्ती 2012: 13 साल के संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक जीत – 1000 अभ्यर्थियों को मिलेगी नियुक्ति

ट्रेंडिंग चर्चा ताजा खबरें, तेज़ चर्चा 29 जनवरी 2026 | इंदौर, मध्य प्रदेश

जयपुर। राजस्थान में 13 साल पुराने शिक्षक भर्ती विवाद का अंत हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए लगभग 1000 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति का आदेश दिया है। यह फैसला 2012 की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लंबे संघर्ष की जीत है, जहां अभ्यर्थी सालों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे थे। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।

घटना की पूरी डिटेल्स: 13 साल का लंबा संघर्ष

  • भर्ती का बैकग्राउंड: वर्ष 2012 में राजस्थान सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, लेकिन चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति न मिलने के कारण हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर हुईं। मुख्य मुद्दा: मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को आरक्षण या अन्य कारणों से वंचित रखना।
  • कानूनी लड़ाई: 2013 से शुरू हुए केसों में राजस्थान हाईकोर्ट ने कई फैसले दिए, लेकिन SLP के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 13 सालों में कई सुनवाइयां, अपीलें और डिले हुए। हाल ही में दायर SLP पर CJI की बेंच ने फैसला सुरक्षित रखा था, जो आज (29 जनवरी 2026) आया।
  • कोर्ट का फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि चयनित लगभग 1000 अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। कोर्ट ने कहा कि यह आरक्षण नीति के अनुरूप है और मेरिट पर आधारित चयन को मान्यता दी जानी चाहिए। आरक्षित वर्ग के मेरिट वाले उम्मीदवारों को जनरल सीटों पर भी जगह मिल सकती है, बिना किसी छूट के।
  • प्रभाव: यह फैसला न केवल इन 1000 अभ्यर्थियों के लिए राहत है, बल्कि राजस्थान और अन्य राज्यों में पुरानी भर्तियों के लंबित मामलों के लिए मिसाल बनेगा। अभ्यर्थी अब ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक बनकर सेवा दे सकेंगे।

सामाजिक प्रतिक्रियाएं और बधाई संदेश

फैसले के बाद अभ्यर्थी समुदाय में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर #RajasthanTeacherVictory ट्रेंड कर रहा है। वकील और समर्थकों ने कहा, “यह न्याय की जीत है। पूरी टीम को बधाई!” राजस्थान शिक्षा मंत्री ने भी ट्वीट किया: “सरकार कोर्ट के फैसले का सम्मान करेगी और प्रक्रिया तेज करेगी।”

यह फैसला NCTE गाइडलाइंस और संविधान के अनुच्छेद 14-16 (समानता का अधिकार) पर आधारित है। सरकार को 3 महीने के अंदर नियुक्तियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

डिस्क्लेमर: इसकी पुष्टि सोशल मीडिया पर चल रहे दूसरे न्यूज़ पोर्टल या आधिकारिक बयानों से की गई है लेकिन अगर आपको लगता है कि इसमें संशोधन की जरूरत है तो कृपया हमें सूचित करें, मामले को देखते हुए उसमें तुरंत उचित परिवर्तन किया जाएगा। हम सही खबर देने के लिए हैं न कि गलत खबरों को तूल देने के लिए।

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