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Wednesday, February 4, 2026
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ट्रंप यूएस-ईयू ट्रेड डील पर नजर रख सकते हैं, EU-India FTA के बाद – क्या रद्द होने की संभावना है?

इन्दौर, 28 जनवरी 2026 — यूरोपीय संघ (EU) और भारत के बीच 27 जनवरी को हस्ताक्षरित ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) — जिसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है — की स्याही अभी सूखी भी नहीं है, लेकिन ट्रेड सर्कल्स में चर्चा है कि यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तहत पहले से ही कमजोर यूएस-ईयू ट्रेड फ्रेमवर्क को और खतरे में डाल सकता है — या यहां तक कि इसे रद्द भी करवा सकता है।

यह समझौता EU और भारत के बीच ज्यादातर सामानों पर टैरिफ कम या खत्म करता है, यूरोपीय कारों, फार्मा और एग्री-प्रोडक्ट्स के लिए बड़े बाजार खोलता है, और भारतीय एक्सपोर्ट्स को EU में बेहतर एक्सेस देता है। दोनों पक्षों ने इसे अमेरिका के अस्थिर टैरिफ पॉलिसी के खिलाफ एक स्ट्रैटेजिक हेज के रूप में पेश किया है।

कुछ एनालिस्ट्स मानते हैं कि यूएस-ईयू डील रद्द हो सकती है, इसके पीछे ये कारण हैं:

  • भारत से जुड़े डील्स पर अमेरिकी टैरिफ का पैटर्न — अमेरिका ने हाल ही में भारत के साथ गहरे ट्रेड टाईज वाले देशों पर हाई टैरिफ लगाए या बनाए रखे हैं (जैसे भारत पर स्टील/एल्यूमिनियम टैरिफ, और पहले EU पर भी)।
  • अमेरिका फर्स्ट और रेसिप्रोकिटी फोकस — ट्रंप ने EU पर हाई बैरियर्स और ट्रेड डेफिसिट की आलोचना की है। भारत को बेहतर एक्सेस मिलने से अमेरिका को कम फायदा दिख सकता है, खासकर US-India टैरिफ टेंशन के बीच।
  • मौजूदा दरारें — 2025 का यूएस-ईयू ट्रेड अरेंजमेंट (टर्नबेरी फ्रेमवर्क) पहले से ही कमजोर है — ट्रंप के ग्रीनलैंड डिमांड्स और टैरिफ थ्रेट्स के बाद। यूरोपियन पार्लियामेंट ने प्रोटेस्ट में रैटिफिकेशन रोक दिया है, जिससे कोई नई शिकायत पर इसे आसानी से टिप कर सकता है।

हालांकि ट्रंप प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जो EU-India FTA को सीधे यूएस-ईयू रिलेशंस से जोड़ता हो। मौजूदा यूएस-ईयू अरेंजमेंट अभी रद्द नहीं हुआ है, और एक्सपर्ट्स कहते हैं कि एस्केलेशन की संभावना अभी भी कम है — लेकिन ट्रंप की अनप्रेडिक्टेबल ट्रेड मूव्स को देखते हुए यह रिस्क बिल्कुल नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अपडेट्स के लिए बने रहें — ट्रंप के ट्रेड फैसले अक्सर Truth Social या ऑफ-द-कफ रिमार्क्स से तेजी से बदलते हैं।

(यह हालिया पैटर्न्स पर आधारित स्पेकुलेटिव एनालिसिस है; कोई कन्फर्म्ड कैंसिलेशन नहीं हुआ है।)


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